Sunday, April 18, 2021

कब आयेगा राजकुमार

भांजी के लिए 

 


अखियों में बसा इंतजार

कब आयेगा राजकुमार,

ले जायेगा सँग में उसको

और जताएगा इकरार !

 

दर्पण में निहारे खुद को

सुंदर पाया चेहरा मोहरा,

अध्ययन तो पूर्ण हो गया 

कब छंटेगा दिल से कोहरा !

 

स्कूल में थी तो दौड़ लगाती

अब दौड़ने से घबराए,

बॅाली-बॉल, कबड्डी खेली

अब सखियों सँग मौज मनाये !

 

है मोबाइल सँग दोस्ती

एस.एम.एस. के तोड़े रिकॉर्ड,

चेतन भगत प्रिय लेखक है

याद किया करती है गॅाड !

 

पावभाजी जब मिल जाये

मुख में पानी भर भर जाये,

हर गुरुवार को मंदिर जाके

शिरडी सांई को रिझाये ! 

7 comments:

  1. बहुत सुंदर कव‍िता अनीता जी..वाह
    स्कूल में थी तो दौड़ लगाती

    अब दौड़ने से घबराए,

    बॅाली-बॉल, कबड्डी खेली

    अब सखियों सँग मौज मनाये !..बहुत सुंदर

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  2. बहुत प्यारी मीठी-मीठी रचना

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  3. वाह बहुत सुंदर सृजन ।

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  4. वाह आज बच्चों का यही हाल है अनीता जी . आपके नाम पर क्लिक करने पर केवल 'मन पाए विश्राम जहां ' ब्लाग खुलता था . आज प्रोफाइल देखी तो आपके दूसरे ब्लाग भी मिलगये हैं ..
    आप बैंगलोर में हैं , जैसा कि आपने लिखा है , किस एरिया में रहती हैं

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