Monday, March 23, 2020

विवाह के अवसर पर ढेर सारी शुभकामनाओं सहित

विवाह के अवसर पर  ढेर सारी शुभकामनाओं सहित

जम्मू का दूल्हा और असम की दुल्हन, अनोखा है दोनों के प्यार का बन्धन

नए जमाने का विवाह है अनोखा, बंधने से पहले इक दूजे को परखा 

माता पिता की हर चिंता मिटायी, दोनों कुलों की शान भी बढ़ायी 

दुबला पवन, है सबला आराधना, इक दूजे का हाथ आज थामना 

 एक सौ एक दीयों का उजाला, साक्षी बना, है दृश्य यह निराला 

ब्राह्मण ने विधि से शपथ दिलाई, “ताई” से हिंदी में पढ़कर सुनाई 

दोनों के मुखड़े पर छाई मुस्कान, देती गवाही, है पुरानी पहचान 

शिव-पार्वती बना चूनर ओढ़ाई, फूलों से ढाँप दिया आरती गायी 

होली के शुभ दिन महफ़िल सजी है, गूंज उठे ढोल और पायल बजी है
  
खुशियों की बारात ने दस्तक दी है, सबकी नजरें तुम  दोनों पर लगीं हैं 

महाराष्ट्र - असम में ज्यादा नहीं दूरी, दिल में हो श्रद्धा और थोड़ी सबूरी 

ऐसे ही जीवन में हँसना मुस्कुराना, सच की राह पर कदम आगे ही बढ़ाना

Monday, December 2, 2019

जन्मदिन पर लो दुआएं

जन्मदिन पर 
ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ 

जिंदगी की इस डगर पर
यूँही तुम हँसती हुई सी
फूल सी खिलती हुई सी
रौशनी की इक लहर बन
बढ़ती चलो छू लो गगन !

माँ सदा आशीष बनकर
चल रही हैं साथ हर पल
हर ख़ुशी पर वारि जाते
उस पिता की ढाल बनकर
उड़ो ले  उम्मीद के पर !

जॉब पूर्ण दिल से करती
कम्पनी की साख बढ़ती
घर बड़ा सुंदर सजाया
स्वयं भी सजती-सँवरती
चलो मंजिल है  बुलाती !

जन्मदिन पर लो दुआएं
सभी मिलकर गीत गाएं
स्वप्न सभी पूर्ण होंगे
पिता जल्दी यहाँ आएं
करो स्वागत पुष्प लेकर !


Wednesday, August 21, 2019

सारे जग से अपनापन है



जन्मदिन पर
ढेर सारी शुभकामनाओं सहित


बाल सुलभ भोला सा मन है
भारी पर फुर्तीला तन है,
मुखड़े से मुस्कान न जाये
सारे जग से अपनापन है !

गुरूशरण में बीते हर पल
देश भ्रमण का पाया अवसर,
'खुशियाँ बांटो' दे पैगाम
नये-नये लोगों से मिलकर !

प्यारी सी जीवनसाथी  है
बेटे सा दामाद मिला है,
जान छिड़कती दोनों बेटी
सुंदर जीवन कमल खिला है !

सिर पर सदा है स्नेहाशीष
पापाजी व भाइयों का भी,
बहनों का अति प्रिय भाई है
अन्य सब संबंधियों का भी !

इसी तरह अपने जीवन से
सहज प्रेम संदेश दे रहे,
मन की गहराई में जाकर
सच्चे मोती परम ले रहे !

भीतर है इक राज अनोखा
गुरूकृपा से जान लिया है,
सदा मस्त रहो, प्रशस्त बनो
महा सूत्र स्वीकार लिया है ! 

आज छोटे भाई का जन्मदिन है 

Tuesday, July 30, 2019

दिल कमल रहे खिला


प्रिय बहना के लिए
जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाओं सहित



बीत गया एक साल, खरामा-खरामा
मस्ती कुछ बढ़ गयी, गाये दिल तराना !

टूर भी खूब किये
प्रिय संग कनाडा के,
साथ सभी का रहा
क्रिसमस धमाका में !

दिल के मरीज कई, दर्द लिए आते हैं
एक पाँव पर खड़े, दवा दिए जाते हैं

खुशियों की खूब कही
अंदर ही रहती हैं,
ड्यूटी की रात जाग  
आँखें मगर हँसती हैं !

बिटिया ने घर लिया, मेहमां का स्वागत है
मिलजुल कर रहें सभी, अपनी भी आदत है

'क्रिया' और 'ध्यान' का
गुरू से गिफ्ट मिला,
कितनी हो मुश्किलें
दिल कमल रहे खिला !

जन्मदिन मुबारक हो, जीवन संगीत भरा
सेवा का भाव कभी, दिल से न हो जुदा !


Monday, July 15, 2019

जन्मदिवस पर


जन्मदिवस पर ढेरों शुभकामनाओं सहित


मन में समता, बुद्धि निर्मल
है आत्मा में भरा आनंद
तन स्वस्थ हो अन्न शुद्ध हो
जन्म दिन मने सानंद  !

श्वास में कम्पन न होता हो 
द्वंद में ऊर्जा नहीं बहे
समय व्यर्थ न इक पल जाये
लक्ष्य से न नजर हटे !

मित्रों संग भी समरसता हो 
न दुःख लेना न दुःख देना
अपना पात्र निभे ठीक से
जीवन को बस ड्रामा लेना !

भय से मुक्त है चित्त सदा ही
अभय सदा औरों को देना
अंतर्मन की शांत अवस्था
जग पर कभी न निर्भर करना !

ऐसे जीना खिला कुसुम ज्यों
रहे बाँटता प्रेम सुगंध
दिल से निकली आज दुआएं
जन्म दिन का करें प्रबंध !


Monday, July 1, 2019

भाभी के जन्मदिन पर



जन्मदिवस पर ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ

छोटे केश सांवला मुखड़ा
प्यारी सी मुस्कान सजी है 
बड़े प्रेम से स्वागत करतीं
चाहे जितनी बार मिली हैं

बिटिया की हैं बनी सहेली
सदा साथ जीवन साथी के,
हर सुख-दुःख में बनीं सहारा
किया सामना बड़े जोश से !

एक से एक नया फर्नीचर 
संवरा-सजा सदा हर कमरा,
सौन्दर्य की बड़ी परख है
हो चादरें या फिर परदा !

देख-भाल कर चुनती हैं वह
ड्रेस सेन्स भी पाया खूब,
सखियों संग की किटी पार्टी
किस्सों से भी मचायी धूम !

माँ के आशीर्वाद मिले हैं
भाई-भाभी का भी दुलार,
बहना बसी सदा अंतर में
ससुराल में मिला है प्यार

जन्मदिन पर ढेरों बधाई
ऐसे ही सदा मुस्काएं,
स्वप्न सभी ही शीघ्र पूर्ण हों
हम सब देते यही दुआएं !

Sunday, June 2, 2019

दीदी के लिए जन्मदिन पर



दीदी के लिए जन्मदिन पर 

घुंघराले रेशमी कुंतल, कुछ उलझे कुछ हैं सँवरे से
मुखड़े पर विश्वास अभय का, चमके जो सुख के मेकप से

वैरागी मन रह अलिप्त ही    
जग के सारे रोल निभाता,
न लेना उधो देना माधो
समय बिना योजना बिताता !

फक्कड़ तबियत सहज स्वभाव, खुशियों का इक मिला खजाना
बिना शर्त अब इस थाती को, अपने चारों ओर लुटाना

प्रकृति का सुसान्निध्य मिला है
नियमित सांध्य भ्रमण हैं करती,
यादों को मन के अलबम संग
नोट डायरी में भी करतीं !

ज्ञान वचन सुन, मथकर उनको, निज अनुभव में उन्हें परखतीं 
दीपक भाई, नीरू माँ संग, मुलाकात रोजाना करतीं

ओशो के आश्रम जा जाकर
यादों का गुलदान बनाया,
उनकी ख़ुशबू से जब तब फिर
फेसबुक का वाल महकाया !

बच्चे जब भी मिलने आते, पोती, नाती पर बलि जाती
जीजा जी की हर फरमाइश, तत्क्षण खुश हो पूरा करतीं

सत्य अनकहा एक असीम
भीतर सबके छिपा हुआ है
निज शब्दों में उसे उतारें
सद्गुरू का भी साथ मिला है