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Thursday, October 22, 2026

अनुशासन जीवन को सँवारे

प्रिय भांजी के लिए 

जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ 


सुंदर घर है फ़िक्र स्वास्थ्य की  

अनुशासन जीवन को सँवारे, 

प्रिय की ख़ुशी में ख़ुशी देखती 

ससुराल सदा राह निहारे !


माँ-बहना का साथ मिला है 

ध्यान बहुत उनका भी रखती, 

घर का काम हो या दफ़्तर का 

पूरे मनोयोग से करती !


रखती खबर देश-दुनिया की 

वार्तालाप में भी प्रखर है,

क्रिकेट, राजनीति या फ़िल्में 

सभी पर थोड़ी  सी नज़र है !


भाई-भाभी को पर्वों पर 

करना याद कभी न भूले, 

मन ही मन काशी का सुमिरन 

मेहँदी-चूड़ी तरु पर झूले !


एक नन्ही सी आशा मन में 

शीघ्र पूर्ण हो यही दुआ है, 

जन्मदिवस ख़ुशियाँ ले आया 

मौसम भी मदमस्त हुआ है !


Monday, September 28, 2026

नारीशक्ति है सदा अगाध

प्रिय भांजी के लिए 

जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ 


पथ में बाधा भले मिलीं, पर

  तुम हर बार संभलती गईं,

कुछ मौसम परीक्षा बन आए

पास जिन्हें कर खिलती गईं।


जो खोया उसे अंत न माना

दर्द शिकायत नहीं बनाया,

मन में सपनों को सँजोकर,

 संतानों पर प्रेम लुटाया !


कभी माँ बनकर बनीं आश्रय,

 कभी मित्र बन दिया सहारा,

उनकी छोटी-बड़ी खुशी में

 तुमने अपना संसार संवारा।


अपने पैरों पर खड़ी हुई ,

 अपनी नई पहचान बनाई,

 उम्मीदों भरी रोशनी से

 सुंदर दुनिया एक सजाई।


आज बनी हो बिज़नेस वुमेन,

 अपनी मेहनत पर विश्वास,

सिद्ध किया इस है दुनिया को

 नारीशक्ति है सदा अगाध !


ब्रह्ममुहूर्त में उठ जाती 

अंतर्मन से जुड़ जाती हो 

शक्ति अपार छुपी जो भीतर 

उसके प्रति ही मुड़  जाती हो 


जन्मदिवस पर यही दुआ है

हर इक पल तुम्हें सुकून दे,

 हर बीता कल पीछे छूटे,

 आने वाला दिन जुनून दे।


बच्चों की हँसी घर में गूँजे ,

पूरें हों सारे अरमान,

 मन में शांति, नयन में सपने,

मुखड़े पर सदा मुस्कान !

 

Tuesday, September 22, 2026

दिल में प्रेम का स्रोत छिपा है

भतीजी के जन्मदिन पर 
ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ 


बाहर का जीवन सुंदर है 
भीतर भी संवार लिया है, 
योग-ध्यान से तुमने अपना 
मन-उपवन निखार लिया है ! 

कर्मक्षेत्र में आगे बढ़ती
पूरे मनोयोग से डट कर, 
सहकर्मियों को भी सिखाती 
जोश-ख़ुशी अंतर में भरकर !

कला और सौंदर्य से अपना 
घर आँगन समृद्ध किया है, 
प्रकृति के संग की है मैत्री 
वर्तमान हर घड़ी जिया है !

ऐसे ही तुम सदा लुटाना 
दिल में प्रेम का स्रोत छिपा है, 
माँ-पापा के साथ सभी का 
हृदय आशीषों से भरा है !

जन्मदिवस पर ढेर दुआएँ 
अपने अंतर को पहचानो, 
एक विशुद्ध अनंत आकाश 
भीतर बसता है, यह जानो !  
 

Friday, August 21, 2026

सागर में इक लहर उठी

भाई के जन्मदिन पर 

ढेर सारी शुभकामनाओं सहित 


मौसम वर्षा का अति भाया है 

पूरे परिवार के संग मिलकर इस बार 

जन्मदिवस अनोखा मनाया है !

नाती की मुस्कान ने उसमें चार चाँद लगाये 

समधियों का आगमन भी 

हर्ष का सबब बनकर आया है !

मनभावनी हरियाली में 

सुबह-शाम स्वच्छ रास्तों पर टहलना 

कभी-कभी दर्शनीय स्थलों पर 

भ्रमण करना 

जीवन अपने मनहर रूप में 

सम्मुख आया है !

तुम्हारे जन्मदिन पर 

हम सभी ने यह गीत गाया है !

सागर में इक लहर उठी……

सदा उस अनाम का आशीष पाया है ! 

 

Monday, August 17, 2026

सरल जीवन का सुख निरन्तर

जन्मदिन पर

ढेर सारी शुभकामनाओं सहित 



जीवन के सातवें दशक में 

 बस थोड़ा-सा सुकून चाहिए,

थम गयी तीव्र जीवन की गति 

 अब उत्सव का न शोर चाहिए !

 

अब कदम कुछ धीरे चलते 

 शायद उम्र ने सिखा दिया है,

 जब जीवन स्वयं धीरे बीते 

जल्दी में रखा भी क्या है !


न दूर कहीं जाने की इच्छा

 न स्वादिष्ट व्यंजनों की चाह, 

 न नए वस्त्रों का आकर्षण,

 न दिखावे की कोई परवाह ! 


जो भी मिला वह है पर्याप्त

 जो है निकट वही है सुंदर,

 अब यह ह्रदय चाहता केवल 

 सरल जीवन का सुख निरन्तर !


कभी दुनिया जीतने की जो

इक ख्वाहिश दिल में पलती थी,

 आज बंद करके वह आँखें 

  भीतर ही उतरना चाहती !


 कुछ पल बैठ ध्यान में ख़ुद से

  मिलना अब अच्छा लगता है,

 मौन की उस शीतल छाँव में

 मन को अपना घर मिलता है !

अब शिकायतें कम हो गयी हैं

    अच्छे वैसे लोग हैं जैसे,

 कम हुई हैं अपेक्षाएँ भी

  लेना-देना नहीं किसी से !


जन्मदिवस पर आज हृदय में 

 कोई नहीं कामना जगती,

   शेष वर्ष संतोष में बीतें

 रहे प्रेम और मन में शांति !


 नित शांत भोर में भ्रमण करें 

साँस कृतज्ञता से भरी हो,

घर का हर कोना स्वच्छ हो 

हर शाम प्रार्थना-सी ढली हो !


स्वीकारा सुख से परिवर्तन 

उम्र बढ़ रही तो बढ़ने दो,

गरिमामय बने हर मुद्रा 

बालों में चाँदी उतरने दो !


  चेहरा नहीं, आईने में,

 जीवन का अनुभव देखना,

  धन्यवाद कहना है कल को 

नहीं दौड़ना अब बस चलना !

 

 पाना नहीं, केवल जीना है

नहीं बोलना अब सुनना है,

मन है शांत,
हृदय संतुष्ट   

जीवन के संग बहना है !

 

जब जीवन की संध्या आए,

 मुस्कुराते हुए कहना है,

“मैंने जीवन भरपूर जिया”,


शेष यहीं समर्पित करना है !

 

Monday, July 13, 2026

हर चुनौती का किया सामना


ननदोई जी के जन्मदिन पर

हार्दिक शुभकामनाओं के साथ 



कर्त्तव्य को स्वधर्म बनाया 

 सेवा से जुड़ी है पहचान,

 बैंक प्रबंधक होकर करते,

 समय के हर पल का सम्मान।


 हटें नहीं जिम्मेदारी से

 हर चुनौती का किया सामना, 

 आगे बढ़कर पूरा करते 

 लिया जिम्मा जिस भी काम का !


जीवन-संगिनी के स्वप्न  को

 हर पल नूतन विस्तार दिया,

सदा हौसला रहे बढ़ाते 

 हर पग पर उनका साथ दिया !


दो पुत्रों पर स्नेह बरसता

 संस्कारों की अमृतधार भी, 

 पुत्रवधू प्रति भी अपनापन,

 बिटिया अब इसी परिवार की !


मुस्कानों से घर महकाते

उमंग सदा बनाए रखते, 

 हंसमुख, मिलनसार व्यवहार 

 जीवन-मूल्य नित नए रचते !


ईश्वर से बस यही प्रार्थना

 जीवन का हर दिन उत्सव हो,

 स्वस्थ रहें, यशस्वी भी आप,

 प्रेम भरा यह जन्मदिवस हो ।

 

Thursday, July 9, 2026

नीले अम्बर से जब देखे

प्रिय पुत्र के जन्मदिन पर  
ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ 

हो गई बादलों से यारी 
उड़ती नभ में यान सवारी, 
 गगन नापते ड्रोन संग भी
धुर ऊँचाई की तैयारी !
 
कैद कैमरे में हैं वे पल,
 वसुंधरा के खेत-खलिहान
 नीले अम्बर से जब देखे,
रविवारों को सुंदर विहान ।

तकनीकों से गहरी मैत्री 
एआई का करे सम्मान, 
 हर नए स्वप्न को पंख दिये 
  चुनौतियाँ बनायीं आसान।

काम के प्रति पूरा समर्पण,
 दिन-रात का भेद कब रहता,
 मेहनत से नहीं घबराते 
कुछ न कुछ हर घड़ी ही चलता !

सहधर्मिणी के स्नेहिल मित्र 
 हर सुख-दुख में निभाया साथ।
 दोनों तरफ़ के माँ-पिता का,
दिल में आदर, प्रेम, विश्वास।

रिश्तों की डोर सँभाली है,
 जैसे माली सींचे उपवन
 दोनों तरफ़ के भाई-बहन,
 सबके लिए धड़कता है मन।

जिंजर-पैपर बिल्लियों संग 
 हँसी-खुशी के बरस बिताए,
 उनकी शरारत व अपनेपन से
  हर दिन इक उत्सव बन जाए।

ईश्वर करे उड़ान तुम्हारी
 नीले नभ से भी ऊँची हो, 
 हर मंज़िल तुमको मिल जाये,
 हर सच्ची इच्छा पूरी हो।

स्वस्थ व सदा प्रसन्न रहो,
जीवन में यश-सम्मान मिले।
अंतर के हर एक क्षितिज पर
 सफलता के नए सूर्य खिलें।
 

Friday, July 3, 2026

जीवन इक अनमोल ख़ज़ाना

प्रिय भाभी के लिए 

जन्मदिन पर हार्दिक 

शुभकामनाओं के साथ 


हर सुबह चाय की इक प्याली 

भैया के हाथों मिलती है, 

वर्षों से क्रम यही चला है 

आँख भोर में जब खुलती है !


क़िस्मत वाली मँझली भाभी 

सुंदर घर में सब सुविधाएँ, 

दो-दो सहायिकाएँ आतीं 

सुपरविजन कर काम करायें !


होती उनकी रोज़  डस्टिंग 

 फ़र्नीचर नित चमचम करते,

इससे पूर्व न फ़ुरसत होती 

दोपहरी तक काम निपटते !


लंच पैक कर दें भाई को 

कर्मशील अब भी जो रहते, 

जाने वाले शीघ्र कनाडा 

तैयारी में रत  भी रहते !


 बिटिया के विदेश से भेजे 

उपहारों से सदन सजाती, 

सजग नागरिक बनी सदा ही 

ज़िम्मेदारी खूब निभातीं !


भक्ति भावना सुंदर  दिल में 

घर में मंदिर एक सजाया 

कालोनी  के मंदिर में भी 

सखियों से मिल भजन सुनाया 


जीवन इक अनमोल ख़ज़ाना 

लुटा रहा दिन-रात हर घड़ी 

सदा रहें स्वस्थ व सानंद 

हम सब देते हैं दुआ यही !



Saturday, August 23, 2025

तन-मन दोनों फिट रखती हैं

प्रिय सखी के लिए 

जन्मदिन पर ढेर सारी 

शुभकामनाओं के साथ 

भक्ति भाव से दिल है पूरित 

नित गोविंद के संग रहतीं, 

 किस घड़ी खिलेंगे ब्रह्म कमल

 रातों को सपने हैं बुनती !


सारे बच्चों पर हैं वारी 

उनके आँसूँ देख न पातीं, 

मीलों यात्रायें करके भी 

दौड़-दौड़ कर मिलने जातीं !


 नियमित करतीं योग साधना

तन-मन दोनों फिट रखती हैं, 

सुंदर बने बसेरा जिससे 

घर की ठोक-पीट चलती है !


पाक कला तो आती है पर 

नाम सब होटलों के जानें, 

दूर-सुदूर नयी जगहों पर 

जाने के ढूँढती बहाने !


जन्मदिवस पर ढेर बधाई 

अंतर का उपवन हरा रहे, 

सपने सारे ही पूरे  हों 

हृदय उमंगों से भरा रहे !


Monday, August 4, 2025

तुम हो सारे घर की रौनक़

नन्ही गुड़िया के

पहले जन्मदिन पर 

ठुमक-ठुमक कर चलती घर में 

किलकारी भी गूँज रही है, 

छवि तुम्हारी छवि देखकर 

नानी माँ बस झूम रही है !


एक बरस की आज हुई हो 

माँ-पापा भी वारी जाते, 

बड़ी दुलारी दादी माँ की 

नाना भी तो नाज उठाते ! 


संग भाइयों के सदा खेलो

झटपट अ आ इ ई सीखो, 

गुजराती में बात करो और 

अंग्रेज़ी में गाना सीखो !


तुम हो सारे घर की रौनक़ 

बड़े मज़े से बड़ी हो रही, 

तुतला कर कह देती सब कुछ 

निज पैरों पर खड़ी हो रही !


जन्मदिवस पर खूब बधाई 

खिला रहे मुखड़ा फूलों सा, 

सब के दिल में यही दुआ है 

सुंदर हो हर पल जीवन का !


Sunday, July 13, 2025

गगन विशाल बसा है मन में

प्रिय पुत्र के लिए 

 जन्मदिन पर ढेर 

सारी शुभकामनाओं और स्नेह सहित 


 सुबह व्यस्त और व्यस्त शाम को  

लेकिन योग साधना जारी, 

जीवन संगिनी साथ हर कदम 

मुखड़े पर मुस्कान है न्यारी !


बाधाएँ कितनी भी आयीं 

 किया सामना अति हिम्मत से 

जन्मदिवस पर ढेर दुआएँ 

देते हैं सब मिलकर दिल से !


भर जाती है पुलक ह्रदय में 

उड़े ड्रोन जब नील नभ में , 

 किंतु याद इसे भी रखना  

 गगन विशाल बसा है मन में   !


देवालय है देह हमारी 

इसका भी कुछ ध्यान करो, 

स्वयं के साथ बिताओ कुछ पल  

जीवन में कुछ गहरे उतरो  !


 भरा हुआ घर उपकरणों से 

तरह-तरह के सामानों से, 

वहाँ जरा सी जगह बनाओ 

मन को भी थोड़ा फैलाओ !


Thursday, November 28, 2024

घुल मिल गये जैसे नीर-क्षीर

प्रिय पुत्र व पुत्रवधू के लिए

वर्षों बीते पलक झपकते, याद आ रही हैं वह घड़ियाँ, 
संग-संग जीवन का वादा, दिल में फूटीं थीं फुलझड़ियाँ  !

अग्नि देव व अन्य देवों की, साक्षी में वचन दोहराया, 
आशीर्वाद पाया बड़ों का,  रिश्तों में प्रेम लहराया !

क्या अर्थ है मधुर बंधन का, समय के साथ स्पष्ट हो रहा, 
वरमाला डाली थी उस दिन, अहसास हर पल हो रहा  !

सम्मान से  किया था स्वागत, इक-दूजे के परिवारों का, 
घुल मिल गये जैसे नीर-क्षीर,  अब दो मिल गये माता-पिता !

आपस में सहयोगी बन कर, शुभ कार्य सदा मिल कर करते, 
दोनों के जॉब की खूबियाँ,  स्वीकारी हैं पूरे दिल से !

पानी जैसे दो नदियों का, मिलकर एक हुआ बहता है, 
पहले दो थे एक हुए फिर, भेद नहीं कोई रहता है !

भिन्न-भिन्न था कितना कुछ पर। ‘हम’ होते ही हो गया हमारा, 
एक इकाई बन कर रहते, मेरा सब कुछ हुआ तुम्हारा ! 

प्रेम ह्रदय का सदा समर्पित, अहंकार न मध्य में आता, 
पहला दूजे के सुख-दुख में, पूरे दिल से साथ निभाता !

मैत्री का ही नाता पनपे,  एक मना ले दूजा रूठा, 
हँसी सदा झलके मुखड़े पर, कोई बड़ा न कोई छोटा !