प्रिय पुत्र के जन्मदिन पर
ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ
हो गई बादलों से यारी
उड़ती नभ में यान सवारी,
गगन नापते ड्रोन संग भी
धुर ऊँचाई की तैयारी !
कैद कैमरे में हैं वे पल,
वसुंधरा के खेत-खलिहान
नीले अम्बर से जब देखे,
रविवारों को सुंदर विहान ।
तकनीकों से गहरी मैत्री
एआई का करे सम्मान,
हर नए स्वप्न को पंख दिये
चुनौतियाँ बनायीं आसान।
काम के प्रति पूरा समर्पण,
दिन-रात का भेद कब रहता,
मेहनत से नहीं घबराते
कुछ न कुछ हर घड़ी ही चलता !
सहधर्मिणी के स्नेहिल मित्र
हर सुख-दुख में निभाया साथ।
दोनों तरफ़ के माँ-पिता का,
दिल में आदर, प्रेम, विश्वास।
रिश्तों की डोर सँभाली है,
जैसे माली सींचे उपवन
दोनों तरफ़ के भाई-बहन,
सबके लिए धड़कता है मन।
जिंजर-पैपर बिल्लियों संग
हँसी-खुशी के बरस बिताए,
उनकी शरारत व अपनेपन से
हर दिन इक उत्सव बन जाए।
ईश्वर करे उड़ान तुम्हारी
नीले नभ से भी ऊँची हो,
हर मंज़िल तुमको मिल जाये,
हर सच्ची इच्छा पूरी हो।
स्वस्थ व सदा प्रसन्न रहो,
जीवन में यश-सम्मान मिले।
अंतर के हर एक क्षितिज पर
सफलता के नए सूर्य खिलें।
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