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Monday, June 3, 2024

जीवन क्रम नित आगे बढ़ता



प्रिय दीदी के लिए 

जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ 


झरती है मुस्कान अधर से 

पुष्प विटप से ज्यों झरते हों, 

आश्वासन देता सा स्वर है 

पल-पल प्रेम बरसता उर से !


अनुशासन की शक्ति चलाये  

नहीं प्रमाद, कोई शिथिलता, 

बिना थके या उलझे मन से 

जीवन क्रम नित आगे बढ़ता ! 


पूरे मनोयोग से अपने 

अतिथियों का स्वागत करतीं,

कहीं भी कोई कमी न छोड़ें

नित्य नये व्यंजन बनातीं !


सुखमय उनकी छाया बनकर 

जीजा जी का साथ निभाया, 

हर सुख-दुख में दिया हौसला 

अंतर में विश्वास जगाया !

२ जून २०२४ 

अनिता 


Thursday, October 19, 2023

मुस्कानों का संबल लेकर

भाभी की मधुर स्मृति में 

उनके जन्मदिन पर 

भाई के दिल की बात 


इक मधुर याद सी बसती हो 

मेरे मन के इस प्रांगण में, 

इक मधुर गीत सी गूंज रही 

इस दिल की हर इक धड़कन में !


इस जग में नित्य विचरता हूँ 

मुस्कानों का संबल लेकर,  

जो अब भी दीपों सी जलतीं 

जो वारी थीं तुमने मुझ पर !


एकाकीपन जब खलता है 

तुम हवा के झोंके सी आतीं, 

जब पीड़ा से तन अकुलाया 

हौले से आकर सहलातीं !


जब नाम रूप से जगत बना 

रहे नाम तुम्हारा निकट सदा, 

भले रूप नज़र न आता हो 

हो यहीं कहीं हर पल लगता  !



Tuesday, June 27, 2023

प्यारी सी मुस्कान सदा

प्रिय भांजी के लिए जन्मदिन पर

 

याद तुम्हारी सदा बसी है

दिल में कुछ ज्यादा ही गहरी

चली गयी इस बार

देते हैं अब तुम्हें बधाई !

सुनो हजारों बार

प्यारी सी मुस्कान सदा

अब भी तुम बिखराती होगी

नृत्य, गीत के साथ साथ

अव्वल भी आती होगी

लहंगा चुनरी पहन के सुंदर

दर्पण में शर्माती होगी

माँ के मेकअप बॉक्स में गुपचुप

नजर भी दौड़ाती होगी

या फिर सारा वक्त तुम्हारा

पढ़ने में गुजर जाता है

होमवर्क के सम्मुख कुछ भी

और नजर नहीं आता है

जो भी हो तुम खुश रहना

सबसे हिलमिल कर रहना

नाना-नानी माँ पापा के

आंखो की पुतली हो तुम

भैया भी गर्व से कहते

उनकी बड़ी दुलारी हो तुम !

 


Monday, June 26, 2023

इक मुस्कान सदा मुखड़े पर

छोटी बहन के जन्म दिन पर


जन्मदिवस है खास इस बरस

सिर पर हाथ बड़े भाई का,

दूर से हम सब दें दुआएं

गीत बज रहा है बधाई का !

 

गया वर्ष खुशियाँ कई लाया

बिजनेस वुमन बनीं शान से,

डॉक्टर का कर्त्तव्य निभाया

होममेकर का जी जान से !

 

लेडिज क्लब की प्रेसिडेंट भी

घर, समाज दोनों से प्यार,

है विवेक जीवन में जिसके

क्यों होगी कभी उसकी हार !

 

प्यारी सी  दोनों पुत्रियाँ 

नये नये आयाम छू रहीं,

माँ-पिता के कदमों पर चल

जीवन में कई रंग भर रहीं !

 

इक मुस्कान सदा मुखड़े पर

दिल में चाहे हो मुश्किल,

जोश भरा कण-कण में तन के

निकट खड़ी ज्यों हर मंजिल !


Thursday, August 6, 2020

जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ


जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ 


केश लटकते हैं कानों तक 
मुखड़े पर मोहक मुस्कान, 
झरनों जैसी हँसी बह रही 
मन पीड़ा से है अनजान !

अथक परिश्रम करके पहुँची 
के जी एम सी के कैम्पस में,
वर्षों तक किया है अध्ययन 
लिया दाखिला अब एम डी में !

बच्चों जैसा सरल स्वभाव 
बच्चों का इलाज करेगी, 
कितने ही मासूमों की वह
तन-मन की पीड़ा हरेगी !

माँ-पापा व दादाजी का 
आशीर्वाद सदा ही मिलता, 
शेष सभी परिवार जनों का  
अंतर तुम्हें देखकर खिलता !

जन्मदिन पर ढेरों बधाई 
स्वप्न सभी हों पूर्ण तुम्हारे,
इसी तरह हँसते-गाते ही 
इक दिन पा लो सभी किनारे !

Thursday, August 6, 2015

जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ

 जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ

बहना से प्रीत बड़ी
दिल में वह रहती है,
सखियों की दोस्ती
रग-रग में बहती है !

नन्ही सी डाक्टर
दिल से मजबूत बड़ी,
मस्ती भी खूब करे
हँसती ज्यों फुलझड़ी !

नानके की लाडली
दादा को गर्व है,
आगे ही सदा बढ़े
हर दिन ही पर्व है !

सुंदर मुस्कान मिली
लहराते केश हैं,
सादा सा दिल पाया
भाते हर वेश हैं !

मेधावी बचपन से
श्रम से न घबराती,
माँ-पापा दोनों के
दिल को है हर्षाती !

मेडिकल का कोर्स पढ़े
खुद से मुलाकात हुई,
आँखों में नींद नहीं
दिन से कब रात हुई !

 ६ अगस्त २०१४  

Thursday, January 22, 2015

विवाह की वर्षगांठ पर हार्दिक शुभकामनाओं सहित

विवाह की वर्षगांठ पर हार्दिक शुभकामनाओं सहित


अक्तूबर की बारह, कर देती पौ बारह
जाने कहाँ से आती फुर्ती, सुस्ती नौ दो ग्यारह

एक दूजे की आंखें तकते, यह प्यारा दिन उगता
संदेशे आते रहते, मुस्कानों से घर भरता

प्रेम भरा उपहार थमाते, चार हाथ कुछ नया बनाते
मधुर भोज, पकवान रसीले, मेहमानों सँग खाते

कुछ बीतीं बातें होतीं, यादें कुछ साझा करते
नयी नयी स्मृतियाँ समेट, नव उत्साह से भर जाते

बहुत बहुत मुबारक यह दिन, जीवन खिला रहे सदा
प्रीत का उत्सव मना करे, चले सदा यह सिलसिला !

Thursday, October 28, 2010

मंजू जी

 ढेर सारी शुभकामनाओं सहित

प्यारी सी मंद मुस्कान और हास्य भी अति मधुर
काया प्रौढ़ हो चली लेकिन चमक वही है चेहरे पर I

वस्त्रों का सुंदर संयोजन एक सलीका जीवन में
नियमित दिनचर्या को पालें जोश बहुत भरा दिल में I

रहीं गोल्फ की कुशल खिलाडी महाजोंग भी खेलें
पाकशास्त्र भी साधा सबसे मिलना-जुलना भाये I

रोहतक की मूल निवासिनी दिल्ली अब घर अपना
नन्हू, गट्टू बड़े हुए अब दादी बनने का सपना I

बहू शालिनी बनी बिटिया मधुर आपकी बोली
याद आ रही बीती बातें यादोँ की गठरी खोली I

इसी तरह आप मुस्काएँ स्नेह सदा सब पर लुटाएँ
आज विदा की इस बेला में संदेसे प्रियजन के पाएँ I