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Tuesday, July 8, 2025

दिल में ले भारत की यादें

प्रिय भाभी के लिए 

जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाओं सहित 


दिल्ली की गर्मी से राहत 

मिली शीतल मंद हवाओं में, 

सागर के सुंदर तटों पर 

कनाडा की मस्त फ़िज़ाओं में !


नीले नभ पर श्वेत बदलियाँ 

सागर का जल भी नीला है, 

हाथ लिए हाथों में अपने 

जीवन साथी साथ खड़ा है !


सजे-धजे सुंदर वस्त्रों में 

स्वच्छ रास्तों पर चलना है, 

दिल में ले भारत की यादें 

नई स्मृतियों से मन भरना है !


बिटिया के घर जाकर यूँ भी 

हर दिन नया-नया लगता है, 

जन्मदिवस तो ख़ास तौर पर 

इस बार अनोखा लगता है !


हम सब देते ढेर दुआएँ 

ऐसे ही मुस्काती रहना, 

आने वाले हर इक पल में 

प्रीत के नग़मे गाती रहना !

Saturday, January 9, 2021

प्रीत ही भाषा दिलों की

छोटे भाई-भाभी के लिए 
विवाह की वर्षगांठ पर 
दशक बीते संग चलते 
हमसफ़र हम जिंदगी के,
प्रीत ही भाषा दिलों की 
पाठ सीखे बन्दगी के !

इश्क अपना फलसफ़ा है 
डोलती नैया मनों की,
घर बना सारा जहाँ यह 
तोड़ डालीं  हदें सारी !

रब बसाया दिल में जब से 
एक दूजे में झलकता,
बेटियों पर भी लुटाया 
प्रेम अंतर में पनपता !

पिता का है हाथ सिर  पर 
स्नेह का बन्धन अनोखा,
धार बहती शांति रस की 
खुला उर में इक झरोखा !

सुन रहा अस्तित्त्व सारा 
दे रहे हम भी दुआएँ,
साथ यूँही चले जन्मों 
जिंदगी यूँ मुस्कुराये !


 

Sunday, December 4, 2016

प्रीत ही भाषा दिलों की

मुकेश और गीतांजलि के लिए

दशक बीते संग चलते
हमसफ़र हम जिंदगी के,
प्रीत ही भाषा दिलों की
पाठ सीखे बन्दगी के !

इश्क अपना फलसफ़ा है
डोलती नैया मनों की,
घर बना सारा जहाँ यह
तोड़ डालीं  हदें सारी !

रब बसाया दिल में जब से
एक दूजे में झलकता,
बेटियों पर भी लुटाया
प्रेम अंतर में पनपता !

पिता का है हाथ सिर  पर
स्नेह का बन्धन अनोखा,
धार बहती शांति रस की
खुला उर में इक झरोखा !

सुन रहा अस्तित्त्व सारा
दे रहे हम भी दुआएँ,
साथ यूँही चले जन्मों
जिंदगी यूँ मुस्कुराये !



Monday, October 12, 2015

शुभकामनायें


विवाह की चालीसवीं वर्षगांठ पर 


समय के कुंड में.. डलती रही
प्रीत की समिधा
दो तटों के मध्य में.. बहती रही
प्रीत की सलिला
बीत गये चार दशक कई पड़ाव आए
पुहुप कितने भाव से जग में उगाए
भाव सुरभि है बिखरती
नव कलिकायें विहंसती
जिंदगी अब खिल रही है
चल रहा है इक सफर
मीत मन का साथ हो तो
सहज हो जाती डगर !
लें बधाई आज दिल में
स्वप्न की ज्योति जलेगी  
 मिल मनाएंगे दिवस फिर

जब जयंती स्वर्ण होगी !

Thursday, January 22, 2015

विवाह की वर्षगांठ पर हार्दिक शुभकामनाओं सहित

विवाह की वर्षगांठ पर हार्दिक शुभकामनाओं सहित


अक्तूबर की बारह, कर देती पौ बारह
जाने कहाँ से आती फुर्ती, सुस्ती नौ दो ग्यारह

एक दूजे की आंखें तकते, यह प्यारा दिन उगता
संदेशे आते रहते, मुस्कानों से घर भरता

प्रेम भरा उपहार थमाते, चार हाथ कुछ नया बनाते
मधुर भोज, पकवान रसीले, मेहमानों सँग खाते

कुछ बीतीं बातें होतीं, यादें कुछ साझा करते
नयी नयी स्मृतियाँ समेट, नव उत्साह से भर जाते

बहुत बहुत मुबारक यह दिन, जीवन खिला रहे सदा
प्रीत का उत्सव मना करे, चले सदा यह सिलसिला !

Friday, October 29, 2010

कुछ दोहे प्रीत भरे

कुछ दोहे प्रीत भरे


भैया-भाभी आ रहे बिटिया के संग आज
मन में उठी उमंग का असल यही है राज I

छोटी भाभी साथ है दुगना है उल्लास
पलक पांवड़े बिछा रही मन में खिली पलास I

दिल्ली दुलियाजान का हुआ मिलन है आज
शुभ दिन है शुभ घड़ी भी हुआ चैत्र आगाज I

सुमन खिले चहुँ दिशा में ऋतु नरेश का काल
हर्षित भई आराधिका रेखा क्षितिज की लाल I

दिगबोई में चित्र लिए डिब्रुगढ़ से ट्रेन
गोहाटी में कर दर्शन पाया दिल का चैन I

मेघालय जा पहुंचे अब शोभित किया शिलौंग
सुख उजाला बरस रहा है दिनेश का संग I

घर अब देखो बुला रहा यात्रा करें समाप्त
यादें मधुर समेट दिलों में खुशियाँ कर लें प्राप्त I