विवाह की वर्षगाँठ पर
एक घर है दोस्ती का
प्यार की छाँव में पलता,
एक घर है रौशनी का
हर अँधेरा दूर रखता !
इक भरोसा सदा मन में
सत्यता का फूल खिलता,
एक अपनापन अनोखा
सादगी का दीप जलता !
बड़ों का आशीष भी है
मित्रों की शुभकामनायें,
प्राणियों, फूलों की भी
घर में फैली हैं दुआएं !
ध्यान रखते हो सभी का
स्वयं का भी ध्यान रखना,
स्वप्न नयनों में सलोने
अधर पर मुस्कान रखना !


