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Sunday, November 27, 2022

सादगी का दीप जलता


विवाह की वर्षगाँठ पर 



एक घर है दोस्ती का 

प्यार की छाँव में पलता, 

एक घर है रौशनी का 

हर अँधेरा दूर रखता !

 

इक भरोसा सदा मन में 

सत्यता का फूल खिलता, 

एक अपनापन अनोखा 

सादगी का दीप जलता !

 

बड़ों का आशीष भी है 

मित्रों की शुभकामनायें, 

प्राणियों, फूलों की भी 

घर में फैली हैं दुआएं !

  

ध्यान रखते हो सभी का 

स्वयं का भी ध्यान रखना,

स्वप्न नयनों में सलोने 

अधर  पर मुस्कान रखना !

 


Saturday, January 9, 2021

प्रीत ही भाषा दिलों की

छोटे भाई-भाभी के लिए 
विवाह की वर्षगांठ पर 
दशक बीते संग चलते 
हमसफ़र हम जिंदगी के,
प्रीत ही भाषा दिलों की 
पाठ सीखे बन्दगी के !

इश्क अपना फलसफ़ा है 
डोलती नैया मनों की,
घर बना सारा जहाँ यह 
तोड़ डालीं  हदें सारी !

रब बसाया दिल में जब से 
एक दूजे में झलकता,
बेटियों पर भी लुटाया 
प्रेम अंतर में पनपता !

पिता का है हाथ सिर  पर 
स्नेह का बन्धन अनोखा,
धार बहती शांति रस की 
खुला उर में इक झरोखा !

सुन रहा अस्तित्त्व सारा 
दे रहे हम भी दुआएँ,
साथ यूँही चले जन्मों 
जिंदगी यूँ मुस्कुराये !


 

Sunday, January 20, 2019

शुभकामनायें






विवाह की वर्षगांठ पर 

दिल उमगे मुस्कान अधर पर 
चौदह वर्ष का सँग साथ है,
प्रिय बिटिया मिली परियों सी
निशदिन ही हाथ में हाथ है !

देहरादून देव भूमि में
परिवार संग मिलन मनाएं,
दिल्ली कभी दुबई की याद
बीच-बीच में मन बहलायें !

माँ-पापा व सास-ससुर सभी
प्रेमाशीष सहज ही मिलता,
तुम दोनों का अंतर सबके
नेह सुरभि से सदा सँवरता !

कर्मठता से जीवन पथ पर
उन्नति के प्रतिमान बनाओ,
क्षमताओं का कर प्रयोग इस
जग को सुंदर और बनाओ !