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Monday, March 21, 2022

खुशी मनाने के दिन आये



भांजी की मंगनी की रस्म पर

शुभकामनाओं सहित

दिल पर लिक्खा नाम प्रिय का, मन ही मन कन्या मुस्काए

देख देख दर्पण में मुखड़ा, खुद से ही ज्यों शरमा जाये !

 

कृपा बरसती हो जिस घर में, प्रेमभाव का सदा हो वास

देवों का आगमन निश्चित, जहाँ शुभता का नित्य निवास !

 

दोनों बहनें खुशी से झूमें, झोली भर-भर दें दुआएं,

मंगनी की शुभ रस्म हो रही, खुशी मनाने के दिन आये !

 

दी इक-दूजे को अंगूठी, देख-देख निहाल सब होते

मनों में उठती हैं हिलोरें, संबंधी आशीषें देते !

 

शुभ बेला, मंगलमय घड़ियाँ, सुखद सुहाने पल आए हैं,

पूर्ण हो गए, एक हुए जब, सपने जो देखे मिलजुल हैं !

 

इसी तरह हँसते मुस्काते, जीवन का सुंदर पथ गढ़ना

ज्योति ज्ञान की भर अंतर में, सबको सँग-साथ लिये बढ़ना !

 

प्रेम और सम्मान सदा हो, इक-दूजे का ध्यान सदा हो

नई-नई ऊंचाई पा लो, हर क्षेत्र में मान सदा हो !

 

वर-कन्या की शुभ जोड़ी, स्वयं ईश्वर ने है बांधी

प्रीत पुरानी है वर्षों की, पावन प्रेम से है रांधी

 

प्रणय यहाँ तक ले आया है, बंधे दोनों एक सूत्र में

गठबंधन यह जीवन भर का, संग-संग अब हर सुख-दुःख में


Tuesday, July 30, 2019

दिल कमल रहे खिला


प्रिय बहना के लिए
जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाओं सहित



बीत गया एक साल, खरामा-खरामा
मस्ती कुछ बढ़ गयी, गाये दिल तराना !

टूर भी खूब किये
प्रिय संग कनाडा के,
साथ सभी का रहा
क्रिसमस धमाका में !

दिल के मरीज कई, दर्द लिए आते हैं
एक पाँव पर खड़े, दवा दिए जाते हैं

खुशियों की खूब कही
अंदर ही रहती हैं,
ड्यूटी की रात जाग  
आँखें मगर हँसती हैं !

बिटिया ने घर लिया, मेहमां का स्वागत है
मिलजुल कर रहें सभी, अपनी भी आदत है

'क्रिया' और 'ध्यान' का
गुरू से गिफ्ट मिला,
कितनी हो मुश्किलें
दिल कमल रहे खिला !

जन्मदिन मुबारक हो, जीवन संगीत भरा
सेवा का भाव कभी, दिल से न हो जुदा !


Thursday, October 28, 2010

माँ व पिता जी

जन्मदिन के अवसर पर  शुभकामनाओं सहित

एकदूजे के लिये बने हैं
एकदूजे का साथ निभाते
रात और दिन साथ साथ रह
जग में एक मिसाल बनाते I

सुबह सवेरे लान में टहलें
 ब्रह्ममुहूर्त में उठ जाते
समय से करते हर एक काम
सलीके से सब कुछ निपटाते I

शांत सरल स्वभाव है उनका
बच्चों की ही चिंता करते
अपनी क्षमता से बढकर
घर के काम में हाथ बंटाते I

साठ बरस का साथ अनोखा
 एकदूजे की आदत जानें
सुख में दुःख में साथ निभाया
 दिल से दिल को पहचानें I

कभी-कभी झुंझलाते पापा
झूठ-मूठ जब माँ डर जातीं
जाने क्यों शंका है मन में
हर पल नजर टिकाये रहतीं I

प्रेम जीतता आया जग में
सेवा से हर रोग हारता
सौ बरस हो उम्र आपकी
हम सबका दिल यही मांगता I