Tuesday, September 27, 2016

जन्मदिवस पर

प्रिय भांजी के लिए जन्मदिन की ढेरों बधाई सहित


एक बालिका भली भली सी
मिश्री की हो एक डली सी,
प्यारी सी मुस्कान बिखेरे
ज्यों बेला की एक कली सी !

सखियों में भी लोकप्रिय है
एडवेंचर की शौक़ीन साहसी,
मछली सी लहरों से खेले
दिल में चाहत कुछ करने की !

कलाकारा वह जन्मजात है
अभिनय सहज ही घट जाता,
माँ-पापा की बड़ी दुलारी
बहना की भी आंख का तारा

स्वप्न सभी सच होंगे उसके
दिल में जोश दूरदृष्टि भी,
जन्मदिवस यह याद दिलाता
मंजिल और करीब आ गयी !


Monday, August 22, 2016

जन्मदिन पर स्नेह व शुभकामनाओं सहित

जन्मदिन पर स्नेह व शुभकामनाओं सहित

मस्ती का है नाम मुकेश
जल्दी उड़ गए जिसके केश
अपनाया गेरुआ वेश
देता सबको प्रेम संदेश !

भोग लगाता पंडित जैसा
बचपन में करता था पूजा
चुनरी ओढ़ नृत्य भी करता
कोई झिझक न कोई हूजा !

अनुज सभी का सबका स्नेही
दुल्हन भी अति सुंदर पायी
प्यारी सीं दो मिलीं बेटियाँ
किस्मत उसने अद्भुत पायी !

अपना समझ के काम करे वह
कर्मशील न थकना जाने
प्रमोशन भी पाए कितने
नाम बैंक में हर कोई जाने !

सुखमय हो जीवन का हर पल
जन्म दिवस पर तुम्हें बधाई
पिता की सेवा का अवसर पा
नित नयी तकदीर बनाई !

बढ़ते चलो साधना पथ पर
पालो भीतर शांति के स्वर
मिले शाश्वत का सान्निध्य
उड़ो गगन में लगा ध्यान पर !


Friday, August 19, 2016

जन्मदिन पर

सागर के जन्मदिन पर

यथा नाम तथा गुण पाया
सागर पार बसा है जाकर
सागर सा विशाल उर पाया !

छुटपन से ही था गम्भीर
लक्ष्य व साथी दोनों पाए
मेधा तीव्र, मानस भी धीर !

ओपेरा में शान बड़ी है
परिवार गौरवान्वित होता
उपलब्धियों की लगी झड़ी है !

गृह लक्ष्मी का रखता मान
पूछ-पूछ कर शॉपिंग करता
आखिर वह है हाईकमान !

सदा रहो खुश, मस्त सदा
जन्मदिन पर लो बधाई
हो जीवन में संतोष सदा ! 

Wednesday, August 10, 2016

जन्मदिवस पर शुभकामनायें

जन्मदिवस
पर ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ



खिला-खिला है चेहरा उनका
जैसे धूप सर्दियों वाली,
सदा प्रफुल्लित सदा विहँसती
गुलमोहर की जैसे डाली I

जीजाजी की छाया दीदी
जोड़ी उनकी बड़ी निराली
इतना विस्तृत घर-संसार
सचमुच बड़ी नसीबों वाली I

रामनाम की पी थी घुट्टी
अब तो घोट लिया ओशो भी
भीतर गहरा ज्ञान छिपाए
दिखती ऊपर भोली-भाली I

भाई-भाभी व बहनों का
सदा हाल लेतीं रहती वह
शादी वर्षगाँठ न भूलें
न तारीख जन्मदिन वाली

बच्चों से भी नहीं शिकायत
दूर विदेश बसे क्यों जाकर
सीखी कम्पयूटर की भाषा
फेसबुक की रीत निराली I

आसपड़ोस सभी से मिलती
सत्संग की महफिल सजाकर
पर्वो त्योहारों पर मिलजुल
समधियों संग होली दीवाली I

पाककला में बड़ी निपुण वह
है मेहमाननवाजी अद्भुत
अरवी, भिन्डी या पुलाव हो
या फिर कढ़ी पकोड़ों वाली I

आप बसीं हम सबके दिल में
दिल की धड़कन कहे यही
माँ सा प्यार सदा बाँटती
दीदी देहरादून वाली I

Wednesday, June 1, 2016

जन्मदिन की बधाई


जन्मदिवस पर शुभकामनाओं सहित 

चिरपरिचित लौह द्वार
छोटा सा लॉन और हरी घास (जिस पर बिखरे
ताजे झड़े, सूखे, पीले पत्ते
एक कलाकृति का आभास देते हैं)
से गुजरकर भव्य बैठक और
सभी सुविधाओं से सज्जित रसोईघर
चिप्स, अखरोट व फलों से करती स्वागत
देखते ही देखते वह  
व्यंजनों से सारी मेज सजा देती हैं
पिछला बरामदा है गवाह चाय की प्यालियों का
जब चलता है धाराप्रवाह सिलसिला बातों का
नाशपाती, लीची, अनार व अमरुद के वृक्षों से
छन-छन आती है हवा
नीचे सुंदर टाइल्स से सजा आंगन का फर्श
जो हवा के हल्के से झोंके से भर जाता है
बौर और नन्हीं पत्तियों से
इसे पार कर दायें व बाएं दो बगीचे
एक में लगे ईख के झुण्ड मन मोहते है
और वे उम्र व श्वेत वस्त्रों की परवाह किये बिना
अपने हाथों से उन्हें तोड़
दराती से स्वच्छ कर थमाते हैं
साथ ही आ जाती है ऊष्मा उनके अंतर की
तभी नजर आते है वृक्षों पर कूदते-फांदते वानर
शाक वाटिका में ऊधम मचाते
कंदमूल उखाड़ खाते
चाहते हैं आज मधुर शर्करा ईख की भी
उनके साथ बाँट कर खाईं
उस दिन ईख की मीठी गनेरियां
संध्या रहते गए टहलने
बड़ा सा अहाता और ढेरों कमरे
कमरों के अंदर से खुलते कमरे
देहरादून में है उनकी जागीर

सुबह-साँझ मंदिर में दियाबाती कर
भजन की स्वरलहरी का गुंजाना
अतिथियों को विदा करना प्रेम से
मन के पटल पर अंकित हो गया है...  

चांदी से चमकते केशों में झलकता है एक ठहराव
और परिपक्वता
आँखों में स्नेह उन मजबूत कंधों के लिये
जो उठा सकें उत्तरदायित्व

इस मिल्कियत का जिसकी नींव उन्होंने रखी है... 

विवाह की वर्षगाँठ पर

विवाह की वर्षगाँठ पर

नहीं भरोसा रहा तुम्हारा
चुपके-चुपके क्या कर डालो,
कार चलाना सीख रही हो
घर संग, स्टीयरिंग भी सम्भालो !

शॉपिंग करती, पहनो मैचिंग
दूर-दूर तक जाओ घूमने,
पूरी करो हसरतें दिल की
नहीं अधूरे रहें ये सपने !

तुम भी तो मन के मालिक हो
टीवी के ऐसे दीवाने, 
रहे कैमरा हाथों में या
वाह, वाह ! के सुनो फसाने !

सेहत देख आपकी अब तो
किचन में सारे व्यंजन बनते,
जो तुमको रुचता हो अक्सर
सालन भाजी वही तो बनते !

प्रिय पुत्री है गर्व हमारा
दोनों की आदतें हैं जिसमें,
वही साक्षी हम दोनों की
प्रेम हमारा झलके उसमें !

सेवा कर माँ को खुश रखें
यही प्रयास चला करता है,
जीवन के क्रम चलते रहते

यह दिन भला-भला लगता है !

जन्मदिन पर बधाई

जन्मदिन पर ढेरों शुभकामनाओं सहित


जीवन ऐसा सफर है जिस पर
सुख-दुःख चलते साथ हमारे,
एक बिना रह पाए न दूजा
मिलकर दोनों राह संवारें !

तुमने भी इस मोहक पथ पर
बरसों पहले कदम बढ़ाए,
स्नेह छाया में माँ-बाबा की
भाई-बहन संग नगमे गाये !

हुई कल्पना सत्य, पाया
जब जीवन साथी मन भावन,
रुचियाँ एक, साम्य सोच में
बंधन बना अति ही पावन !

दी आजादी संग ममता के
आत्मविश्वास दिया बिटिया को,
एक पूर्ण व्यक्तित्त्व है माना
जाना नहीं अबोध सुता को !

श्रम करती हुई भी मुस्काती
अद्भुत साहस तुमने पाया,
जीवन के रस को चखने में
सदा स्वयं को आगे पाया !

इसी भांति सदा साहस भर
कर्त्तव्य पथ पर चलना,
दूर हटा बाधाएँ सारी
यूँ ही सदा हँसती रहना !