नये वर्ष में प्रस्तुत है एक नया ब्लॉग....इस ब्लॉग में वे कविताएँ है जो अपने मित्रों सम्बधियों के लिये खास तौर से लिखी गयी हैं, जन्मदिन , विवाह, विवाह की वर्षगाँठ, विदाई आदि के मौकों पर लिखी ये कवितायें शायद आपको भी किसी अपने की याद दिला दें.
Sunday, February 14, 2021
सारी दुनिया अपनी है - शुभकामनाएं
Sunday, January 24, 2021
अब पुन: मिला घर का आंगन
प्रिय भांजे के लिए
जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ
बरसों घर से दूर रहे तुम
ममता के आँचल से वंचित,
अब पुन: मिला घर का आंगन
मित्रों से मिल अंतर हर्षित
!
छोटे भाई का निश्छल स्नेह
अर्धरात्रि को काटा
केक,
पापाजी ने ली है छुट्टी
परिवार हुआ है फिर से एक !
वस्त्रों को धोने की चिंता,
न
नून-तेल-लकड़ी का झंझट,
शॉपिंग,
क्लीनिंग की छुट्टी
कुक,
मेड का मिटा है टेंशन !
बचपन का घर फिर से पाया
बड़े चाव से उसे सजाया,
जिन स्वप्नों को मन में रखा
पूर्ण हों सकें वक्त है आया
!
जीवन पथ पर बढ़ते जाओ
करुणा भाव मिला है रब से,
जन्मदिवस पर बहुत बधाई
देते हैं हम मिलकर दिल से !
Thursday, January 14, 2021
बगिया श्रम से नित्य निखरती
जन्मदिनपर ढेर सारी शुभकामनाओं सहित
नन्हा सा एक बालक रहता,
मुखड़े पर बन हास्य कभी जो
चुहल भरी बातों में दिखता !
बगिया श्रम से नित्य निखरती,
रसलखेमा की सुबह-शामें
कैद कैमरे में भी होतीं !
रोज दुबई की सैर कराते,
उत्तम शेफ होने के राज
अब दूसरों को बतलाते !
मधुर गीत अधरों पर रहते,
नए-नए पकवान बनाकर
घर-बाहर सबको खुश रखते !
दोनों बिटियाँ करती नाज,
जीवन संगिनी सदा साथ है
है गुरु ज्ञान पर दृढ़ विश्वास !
यह दुआ सब स्वप्न हों पूरे,
इसी तरह हँसते-मुस्काते
जीवन का हर इक क्षण बीते





