आदरणीय जीजाजी के लिए
जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाओं सहित
मुख पर संतोष भरी मुस्कान
बन गयी है आपकी पहचान,
छोटी-बड़ी ज़रूरत का हर
दीदी-बच्चे रखते हैं ध्यान !
तन थक जाए कभी ज़रा सा
पर मन का हौसला बुलंद है,
वरदान मिला है दीर्घायु का
जीवन में इक लय व छंद है !
आँगन में बगिया मुस्काए,
हर मौसम कुछ नया दे जाए,
आम, लीची, लुकाठ, करी पात
नींबू, पुदीना सुरभि लुटाए !
भोर में पंछी गीत सुनाते
घर भर देती मधुर गुंजार,
संबंधों में स्नेह बह रहा
पोती-नातिनों की चहकार !
लोहड़ी, होली, या दिवाली
हर उत्सव मिलकर मनाते
ऑनलाइन खेलों के संग
शॉपिंग का भी लुत्फ़ उठाते !
जीवन जैसे शांत समंदर
हर लहर कहे कितना सुंदर,
साथ मिला जो सच्चा, पावन
उससे ही पथ हुआ यह भावन !
यही कामना हम सब की, हो
जन्मदिवस हर साल निराला,
रहें आप स्वस्थ और सानंद
खुशियों का हो संग उजाला !

यह कविता पढ़कर मन अपने आप हल्का और खुश हो जाता है, दोस्त। आप रोज़मर्रा की सादगी को इतनी गर्मजोशी से पकड़ते हो कि चित्र सामने चलने लगता है। मुस्कान, आँगन, बगिया और बच्चों की चहकार सब कुछ जीवंत लगता है।
ReplyDeleteस्वागत व आभार!
Delete