प्रिय भाभी के लिए
जन्मदिन पर हार्दिक
शुभकामनाओं के साथ
हर सुबह चाय की इक प्याली
भैया के हाथों मिलती है,
वर्षों से क्रम यही चला है
आँख भोर में जब खुलती है !
क़िस्मत वाली मँझली भाभी
सुंदर घर में सब सुविधाएँ,
दो-दो सहायिकाएँ आतीं
सुपरविजन कर काम करायें !
होती उनकी रोज़ डस्टिंग
फ़र्नीचर नित चमचम करते,
इससे पूर्व न फ़ुरसत होती
दोपहरी तक काम निपटते !
लंच पैक कर दें भाई को
कर्मशील अब भी जो रहते,
जाने वाले शीघ्र कनाडा
तैयारी में रत भी रहते !
बिटिया के विदेश से भेजे
उपहारों से सदन सजाती,
सजग नागरिक बनी सदा ही
ज़िम्मेदारी खूब निभातीं !
भक्ति भावना सुंदर दिल में
घर में मंदिर एक सजाया
कालोनी के मंदिर में भी
सखियों से मिल भजन सुनाया
जीवन इक अनमोल ख़ज़ाना
लुटा रहा दिन-रात हर घड़ी
सदा रहें स्वस्थ व सानंद
हम सब देते हैं दुआ यही !
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