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Sunday, April 24, 2022

गगन दे रहा उसे दुआएं

नन्ही के जन्म पर


नन्ही सी इक राजकुमारी 

देख-देख कर उमड़े प्यार, 

कोमल केश, गुलाबी रंगत 

ऊँ ऊँ करके रही पुकार ! 


जाने कितने स्वप्न लिये 

आयी रचने नव संसार, 

खुशियाँ देने माँ-पापा को 

हम सबका भी पाने प्यार ! 


मुँह खोल अंगडाई लेती 

घंटों आँखें मूंदे रहती, 

हल्की सी मुस्कान कभी 

अधरों पर लाके कुछ कहती ! 


एक अनूठा तोहफा हो ज्यों 

कुदरत ने जो है सौंपा  

देख-देख दिल हर्षित होता 

दादी, नानी संग सबका  ! 


गगन दे रहा उसे दुआएं 

पवन दे रही है आशीष

हम सब भी शामिल हैं उसमें 

प्रेम भरी दें शुभाशीष ! 


Friday, October 29, 2010

मुकेश

जन्मदिन पर स्नेह व शुभकामनाओं सहित

मस्ती का है नाम मुकेश
जल्दी उड़ गए जिसके केश
अपनाया गेरुआ वेश
देता सबको प्रेम संदेश !

भोग लगाता पंडित जैसा
बचपन में करता था पूजा
चुनरी ओढ़ नृत्य भी करता
कोई झिझक न कोई हूजा !

अनुज सभी का सबका स्नेही
दुल्हन भी अति सुंदर पायी
प्यारी सीं दो मिलीं बेटियाँ
किस्मत उसने अद्भुत पायी !

अपना समझ के काम करे वह
कर्मशील न थकना जाने
प्रमोशन भी पाए कितने
नाम बैंक में हर कोई जाने !

सुखमय हो जीवन का हर पल
जन्म दिवस पर तुम्हें बधाई
पिता की सेवा का अवसर पा
नित नयी तकदीर बनाई !

बढ़ते चलो साधना पथ पर
पालो भीतर शांति के स्वर
मिले शाश्वत का सान्निध्य
उड़ो गगन में लगा ध्यान पर !