Thursday, March 5, 2015

जन्मदिन पर


जन्मदिन पर 

मांगीं थीं कितनी मनौतियाँ, माँ, पिता ने तुमको पाया
देवलाली बनी जन्मभूमि, नया उजाला घर में छाया I

कहतीं हैं माँ गोलमोल थे, घने केश, था सुंदर मुखड़ा
बचपन का एक फोटो भी है, जैसे कोई चाँद का टुकड़ा I

दूध जलेबी खूब खिलाई, तुमको नाजों से पाला था
अनुज और बहनें आयीं फिर, तुमने खूब सम्भाला था I

वाराणसी में बचपन बीता, क्रिकेट खेलते टूटा दांत
बीटीएस में शिक्षा पायी, हाई स्कूल किया था पास I

इंटर किया एआईसी से, बड़े बड़े कंधों तक केश
बच्चन थे फेवरेट हीरो, बेलबाटम था तब का वेश I

पीएमसी ग्रुप बीएससी में, वहीं हुई थी आँखें चार
लेकिन तब तक किसे पता था, इसको ही कहते हैं प्यार I

एमएससी कर शोध कार्य भी, बीएचयू में शुरू किया
बार्क में फिर काम मिला पर, दस ही दिनों में छोड़ दिया I

किस्मत लायी फिर दुलियाजान, नीड़ सुहाना यहीं बनाया
तेल कम्पनी आयल इंडिया में, अनुसंधान का काम किया I

सक्षम वैज्ञानिक बन चमके, उपलब्धियों की एक श्रंखला
नयी-नयी तकनीकें देकर, आयल को है समृद्ध किया I

आरएंडडी को किया है उन्नत, आईएसआई का मार्क दिया
वेबसाइट की शुरुआत की, सौंदर्यीकरण में साथ दिया I

स्नेह सभी को मिलता तुमसे, समझौते कितनों में कराए
जगह जगह है छाप तुम्हारी, कितनी कीं विदेश यात्रायें I

जाने कितने लिखे हैं पेपर, पुरस्कार भी कितने पाए
सहज, प्रखर, उर्वर मेधा से, नए-नए प्रोजेक्ट चलाए I

आज गर्व से ऊँचा है दिल, तुम से जुडकर मिली है मंजिल
नाम तुम्हारा जुड़ा नाम से, मुस्काई है देखो महफिल I

मनपसंद डिश कढ़ी बेसन की, नीला रंग तुम्हें भाता है
मेलबोर्न की यादें दिल में, मुनार भी याद आता है I

शहरों में शहर बैंगलुरु, जोधपुर-ताज होटल यूनिक  
‘कीप-ऑफ-द-ग्रास’ किताब फेवरेट, फिल्म है साउंड-ऑफ-म्यूजिक I

आज तुम्हारा जन्म दिवस है, खुशियों का समां छाया
जीवन एक उत्सव है कहने, मुस्काने का मौसम आया I

Friday, February 6, 2015

जन्मदिवस पर हार्दिक शुभकामनाओं सहित

जन्मदिवस पर हार्दिक शुभकामनाओं सहित

जन्मदिन मनाने का अच्छा है तरीका
अगले दिन चल दिए उत्तरी अफ्रीका I

सफर के ऊपर सफर हुए हैरान हैं
बाहर के भोजन ने किया परेशान है I

रह-रह धड़कता है उनका हिया
अप्रैल - मई में जाना लीबिया I

हैं तेल के कूप व रेगिस्तान बड़ा
गद्दाफी के देश का है झंडा हरा I

अरब हैं लोग इस्लाम को मानते
त्रिपोली की बाबत ज्यादा न जानते I

यात्रा सुखद हो सफल हों काम में
दुआ हम सबकी रहें बस राम में I

Wednesday, January 28, 2015

सातवें जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ

सातवें जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ

अंक सात का है शुभकारी
सप्त स्वरों की महिमा न्यारी
सतरंगी है इन्द्र्धनुष भी
हुई सात बिटिया हमारी I

घर के काम सदा करवाती
होली पर गुजिया भरवाती
माँ की छाया बनी सदा वह
खाने वाली मेज सजाती I

खुश रहती हैं टीचर सारी
तेज दिमाग लिखाई प्यारी
शांत सदा कक्षा में रहती
मैचिंग पर फिदा सुकुमारी I

कुछ न कुछ सदा करना चाहे
छुट्टियों में दिन भरना चाहे
पेंटिंग, ड्राइंग, कशीदाकारी
कहानी सुनना उसको भाए I

कार्टून की है दीवानी
लेकिन न करती मनमानी
मूल्य समय का वह पहचाने
रिया रानी बड़ी सयानी I

भैया के संग होती मस्ती
कभी लड़ाई कभी दोस्ती
पापा डांट कभी न पाए
माँ की बातों पर हँस देती I

जनम दिवस के इस मौके पर
खुशियों के इस सुंदर पल पर
सदा रहो मुस्काती यूँ ही
सभी दुआएँ देते मिलकर I

Thursday, January 22, 2015

विवाह की वर्षगांठ पर हार्दिक शुभकामनाओं सहित

विवाह की वर्षगांठ पर हार्दिक शुभकामनाओं सहित


अक्तूबर की बारह, कर देती पौ बारह
जाने कहाँ से आती फुर्ती, सुस्ती नौ दो ग्यारह

एक दूजे की आंखें तकते, यह प्यारा दिन उगता
संदेशे आते रहते, मुस्कानों से घर भरता

प्रेम भरा उपहार थमाते, चार हाथ कुछ नया बनाते
मधुर भोज, पकवान रसीले, मेहमानों सँग खाते

कुछ बीतीं बातें होतीं, यादें कुछ साझा करते
नयी नयी स्मृतियाँ समेट, नव उत्साह से भर जाते

बहुत बहुत मुबारक यह दिन, जीवन खिला रहे सदा
प्रीत का उत्सव मना करे, चले सदा यह सिलसिला !

Tuesday, January 20, 2015

जन्मदिवस पर ढेरों शुभकामनाओं तथा स्नेह सहित

जन्मदिवस पर ढेरों शुभकामनाओं तथा स्नेह सहित



मन में समता, बुद्धि निर्मल
हो आत्मा में भरा आनंद
तन स्वस्थ हो अन्न शुद्ध हो
जन्म दिन मने सानंद I

श्वास में कम्पन न होता हो
द्वंद में ऊर्जा नहीं बहे
समय व्यर्थ न इक पल जाये
लक्ष्य से न नजर हटे I

मित्रों संग  भी समरसता हो
न दुःख लेना न दुःख देना
अपना पात्र निभे ठीक से
जीवन को बस ड्रामा लेना I

भय से मुक्त हो चित्त सदा ही
अभय सदा औरों को देना
अंतर्मन की शांत अवस्था
जग पर कभी न निर्भर करना I

ऐसे जीना खिला कुसुम ज्यों
रहे बाँटता प्रेम सुगंध
दिल से निकली आज दुआएं

जन्म दिन का करो प्रबंध I

Thursday, January 15, 2015

कुछ यादें मीठी सी

कुछ यादें मीठी सी


सजा हुआ था रिवाल्विंग स्टेज, दोनों ओर लगी सीढ़ियाँ
धीमे कदमों से चल आते, टिकीं हुईं थीं सब की अंखियाँ I

पुष्पहार लिये हाथों में, एक-दूजे के सम्मुख आये
थम सा गया समय का रथ ज्यों, तारे नभ के लख मुस्काए I

बनी साक्षी सारी सृष्टि, प्रेम के उस अद्भुत क्षण की
गूंज उठा करतल से प्रांगण, जिस पल थी जयमाल डली I

दो आत्मायें बंधी सूत्र में, एक हुए दो जीवन उस पल
फूलों की बरसात हुई जब, था अनुपम वह दृश्य स्वप्निल I

मानो स्वर्ग धरा पर उतरा, दिव्य मिलन होता देवों का
फैले थे रंगीन उजाले, जगमग करता कोना कोना I

हरियाली के बीच सजाया, था मंडप भी शुभ विवाह का
भोजन भी स्वादिष्ट अति, हर एक आयोजन सुंदर था I

पूजा के मंत्रोच्चारण व, मंगलमय सुखमय बेला में
अर्धरात्रि के बाद हुए थे, करके अग्नि को साक्षी फेरे I  

थी दोनों की प्रीत पुरानी, जो अब रंग ले आयी थी
रिश्तेदार, मित्र, सबन्धी, सब के मनों को भायी थी I

भीग गयीं सबकी आंखें, घड़ी विदाई की जब आयी
 रीति निभाने कुल की अपने बहना दुल्हन संग आयी I

माथे पर सिंदूर सजाये, पायल-बिछुए पहने पग में
दुल्हन आयी छमछम करती, शरमाती सी नूतन जग में I

मीठे-मीठे प्रहसन खेले, हँसते हँसते मस्त हुए सब
खाए-पीए, नाचे गाए, मनोरंजित जबरदस्त हुए सब I

सजने संवरने का मौसम था, कोई नहीं रहा था पीछे
लकड़ी के डांसिंग फ्लोर पर, डीजे की धुन पर सब नाचे I

बड़े जतन से गयीं निभायी, दोनों ही के घर में रीति
सगन रस्म सम्पन्न हुई, उस बड़े हाल में खुशी खुशी I

देशी-विदेशी मेहमानों ने, हर पल का आनंद लिया
मेंहदी, स्नान  और घुड़चढ़ी, कितनी रस्मों में भाग लिया I

छोटी-बड़ी लडकियां घर की, मन ही मन में सपने देखें
जैसी शादी इन दोनों की वैसी हो निज किस्मत में I







Monday, April 23, 2012

गुड़िया के लिये


गुड़िया के लिये

गोरी चिट्टी नटखट गुड़िया
दो  चोटियों वाली,
चार बरस की हुई आज है
मुस्काते गालों वाली !

खेल-खिलौनों में मस्त 
जो मन मोहक बातें बोले,
माँ-पापा को कर हैरान 
घर भर में सदा डोले !

मित्रों पर है जान छिड़कती
घर में उन्हें बुलाया है,
टीचर को भी दिया निमंत्रण
जन्मदिन जो आया है !

सबसे तुमको मिलें दुआएं
ऐसे ही बढ़ती जाओ
नई-नई सीख कर बातें
उम्र की सीढ़ी चढ़ती जाओ !