Friday, November 11, 2022

जीवन से संदेश दे रहे

आदरणीय व पूज्यनीय पापाजी के लिए बावनवें

जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाओं सहित 

​​

 अंतर-मन  अति है उत्साहित, हर दिन का स्वागत करें हँसकर 

दो अख़बारों के माध्यम से, दुनिया भर का लगता चक्कर !

 

बिस्तर लगा स्वयं नित  उठाते, ज़रा नहीं  प्रमाद है तन को

फ़ेसबुक, व्हाट्सएप, आदि का, अच्छा ख़ासा  ज्ञान आपको !

 

राजनीति से दूर ही रहें,  भक्ति की महानता  बताएँ

नव तकनीक सीखने का गुर, अपने हाथों चाय बनाएँ   !

 

जीवन के हर रूप की कद्र, भारत  के प्रति प्रेम अपार 

वचनों में है सत्य झलकता, दिल पाया है अतीव उदार  !

 

छोटी-छोटी बातों का भी, रहता आया ध्यान बहुत  ही 

लम्बे जीवन का यही राज,  संतुलित चर्या, साफ़-सफ़ाई !

 

माँ भी समा गयीं हैं भीतर, उनका रोल सहज निभाते 

नाती-पोते,पुत्र-पुत्री  सँग,  नव  पीढ़ी पर ममत्व लुटाते !

 

पूर्ण सजग है दृष्टि आपकी, गहराई से जग को देखे

नज़रों से कुछ बच ना पाता,  जीवन से संदेश दे रहे !

 

धैर्य असीम, आस्था अपार, याददाश्त भी बहुत तेज है, 

बचपन मन में अब भी ताज़ा, उर्दू-फ़ारसी के शेर हैं !

 

ज्ञान का इक स्रोत है भीतर, जिसने थामा  है तन-मन को

करुणा , प्रेम, भरोसा झलके, मिसल बनाया है जीवन को !

 

अनिता 

८ नवम्बर २०२२ 

 


इक दूजे का साथ निभाकर

 प्रिय भांजी के लिए 

जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाओं सहित 

 

दिल में  सुख  की गागर  फूटी, तन-मन को जो भिगो रही है 

ऐसे ही मुसकाती रहना, ज्योति प्रेम की बिखर रही है !

 

पावन  बंधन में बँधना है, अंतर में फुलझड़ियाँ फूटें

नयनों में नव  स्वपन सजे हैं, हर बाधा हर संकट छूटे !

 

जीवन पथ पर साथ निभाने, नया तराना मिल गाएँगे  

दिल से दिल तो मिले हुए हैं, दो कुटुम्ब  भी मिल जाएँगे !

 

कुछ अधिकार सहज मिलेंगे,  कुछ कर्त्तव्य निभाने होंगे 

 अग्निदेव  के फेरे लोगी, मिलकर कदम बढ़ाने होंगे !

 

सुंदर इक परिवार  तुम्हारा, अस्तित्त्व में आ जाएगा  

दोनों परिवारों का सदा ही, रिश्ता सम्मान बढ़ाएगा ! 

 

इस जीवन का पावन लक्ष्य, है मैत्री व साझेदारी 

सेवा व सहयोग, प्रेम से, अर्धांगिनी होती है नारी !

 

शिव के बिना शक्ति कहाँ है, शक्ति बिना शिव भी अधूरे 

इक दूजे का साथ निभाकर, दोनों के हों सपने पूरे !

 

मीठे बोल  सरल स्वभाव से, सबके मन में जगह बनाना 

भीतर छिपी  अनंत ऊर्जा, बिना थके बस बढ़ती जाना !


Friday, September 9, 2022

षष्ठी पूर्ति के अवसर पर

षष्ठी पूर्ति के अवसर पर 

ढेर सारी शुभकामनाओं सहित 

 

प्यारी सी मुस्कान अधर पर 

सहज, सरल, जीवन है भाया , 

मिलतीं सबसे सदा प्रेम से 

मिलनसार कोमल दिल पाया !

 

कुदरत से भी अति लगाव है 

हरियाली छायी छत, बगिया, 

करें योग साधना,  अध्ययन 

 घर में पुस्तकालय सजाया !

 

पूजा-पाठ नित्य ही  करतीं 

मन में श्रद्धा  दीप जला है, 

सुंदर कलाकृतियों  से घर का

कोना-कोना सजा हुआ है !

 

दो पुत्रियों की स्नेहिल मॉम 

नानी की पदवी अब पायी,

जीवनसाथी सदा साथ है 

सखियों से मैत्री बढ़ायी  !

 

हुईं  साठ की है विशेष दिन 

  नया मोड़ है सुखद भावना ,

जीवन सुखमय रहे आपका 

करते हैं  नित यही कामना !

 

षष्ठी पूर्ति का परम उत्सव  

मित्र सबंधियों सँग मनाएँ, 

दिल से हमें निकट ही जानें 

चाहे हम स्वयं न आ पाएँ !


Sunday, July 10, 2022

जन्मदिन एक अवसर अनुपम

जन्मदिन एक अवसर अनुपम 

 

तीन दशक औ' पाँच वर्ष का 

सफ़र सुहाना है जीवन का, 

कभी धूप झुलसाने वाली 

ज़्यादातर मौसम वसंत का  !

 

बाधाएँ कुछ कर ना पातीं  

अभय भरा है कूट-कूट कर,

तरह-तरह के वाहन भाते 

गतिमय है जीवन का हर पल  !

 

समुचित श्रम तथा सौभाग्य से 

एक मुक़ाम मिला है तुमको, 

कार्यालय में सब जानते 

और मानते भी क्षमता को  !

 

जीवन में कुछ किया है हासिल 

गर्व सभी को अति है तुम पर ,

यूँ ही गढ़ो कीर्तिमान नए 

सीमा है केवल अनंत नभ !

 

जन्मदिन एक अवसर अनुपम 

दो पल थमकर खुद में झांकें, 

चले कहाँ से, कहाँ है जाना 

मार्ग सही चुन सदा संभल के !

 

आशीषों की झोली मन में 

ऐसे ही तुम आगे बढ़ना, 

जन कल्याण व सेवा भी हो 

नए नूतन कोड भी रचना !

 

बनो प्रेरणा टीम के लिए 

कभी-कभी पकवान बनाना, 

पहने एप्रन महक उड़ा के 

किचन को थोड़ा सा फैलाना !

 

जीवन संगिनी सदा साथ है 

हर सुख-दुःख में हर मोड़ पर, 

स्वप्न पूर्ण हों तुम दोनों के 

सदा खिला हो सुंदर सा घर !

 


Thursday, June 9, 2022

दिवस बीतते हँसते-गाते

जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाओं सहित 


नन्हे कदम थिरकते उसके, ताता थैया करते-करते

कोमल कंठ से राग फूटते, दिवस बीतते हँसते-गाते !

 

नन्ही सी एक कलाकार है, पढ़ने का भी शौक है बहुत

इ-किताबें फट-फट पढ़ जाती, प्रिय महर हमारी है अद्भुत !

 

जन्मदिवस नौवाँ आया है, माँ ने की बड़ी तैयारी  

परिवार के संग मिलजुल कर, सुंदर एक महफिल सजा ली  !

 

माँ-पापा की है लाडली, भाई-बहन की प्यारी बहना

शांत सदा रहती कक्षा में, तुरत मानती सबका कहना !

 

थोड़ी सी जिद भी करती है,रोज नया क़िस्सा सुनने की

खेलो हरदम सँग ही  मेरे, उम्र अभी सपने बुनने की !

 

मामा-मासी की याद उसे, कभी-कभी तो आती होगी,

जन्मदिन की शाम सुहानी, उनको संग ले आती होगी !

 

नानी भी नाना के सँग मिल, तुमको अनुपम स्नेह भेजती

महर सदा हँसती मुस्काती, सदा दिलों में उनके बसती !


Wednesday, May 18, 2022

रंग बिखेरे कैनवास पर

 प्रिय भांजी के लिए 

जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाओं सहित 


तीन राजकुमारों की माँ 

वर्डल की दीवानी भी हो, 

यूएई यादों में बसा है 

परियों की कहानी सी हो ! 


स्वप्न देखते वे नींदों में 

जिन्हें भरा तुमने आँखों में, 

पालन-पोषण पल-पल मिलता 

सदा सुलाया है बाँहों में !


प्रकृति से परिचय करवाती 

पढ़ती हो पेड़ों की धड़कन,  

 प्राणी जगत से सहज प्रेम है

पत्तों फूलों से अपनापन !


सृजन की क्षमता भी है भीतर 

रंग बिखेरे कैनवास पर,

दीवाली पर सजी रंगोली 

मास्क बनाये हैलोइन पर !

 

देश-जहां की चिंता भी है 

छोटा सा दिल, दिल में जग है, 

कभी एक अल्हड़ बाला सी 

बसता जिसमें बचपन भी है !


सखियों के संग पिकनिक मस्ती 

फिर कोविड का पाया प्रसाद, 

सुख-दुःख तो आना जाना है 

रह जाता है शेष  उल्लास !


दोसा, केक, चॉकलेट संग 

बीत गए वे दिवस अकेले, 

भरे-पूरे से इस कुनबे में 

इंद्रधनुष के रंग बिखरते !


Thursday, May 5, 2022

कभी जगाया है घर भर को


प्रथम जन्मदिन पर

ओ नन्ही मुन्नी गुड़िया !

ठीक बरस भर पहले तूने

निज आँखें खोलीं दरस दिया !

 

पतले नाजुक अंग सुकोमल 

लालिमा युक्त, परी सी हल्की

स्वच्छ नयन थे, कोमल केश

स्निग्ध स्पर्श, अति अनूठा वेश


लेकिन तब भी नाना-नानी 

दादा-दादी को एक अनोखा

निर्मल पावन स्नेह दिया !


कभी जगाया है घर भर को

कभी हँसाया भोलेपन से

मुस्काता है जिसमें जीवन 

इतना सा मन, छोटा सा तन


पर तूने अस्त्तित्व से अपने

सारे घर का कोना-कोना

सहज ही जैसे भर दिया !

 

अब तू छोटे  कदम बढ़ाती

तुतलाहट से कभी लुभाती

ना जाने अंतर में कितनी

साध लिए जग में तू आयी


हो स्वप्न सत्य हर माँ-पिता का  

तेरे हित जो बुना किया ! 


भैया कहकर जिसे बुलाती

वह तेरे बचपन का साथी

रोता तुझे देख कब पाता 

झट बाँहों में लिए झुलाता 


दुनिया से परिचय करवाता 

प्रिय खिलौना भी झट दिया  !

 

अभी बोल मुँह से ना फूटे

पर जो तुझसे बातें करती 

तू जिसकी धड़कन से परिचित

इक-दूजे को खूब समझती


उस माँ की आँखों का तारा

तुझसे ही जिसका जग सारा

मुस्कानों को देखे तेरी 

भर जाता उसका हिया !