Sunday, January 30, 2022

जन्मदिन की कविता

प्रिय भांजी के लिए 

जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ 

आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरा मन 

नए युग की पहचान हो तुम ! 

 शिक्षा और संस्कारों का 

भरपूर उपयोग करती 

छोटी बहन व माँ-पापा की जान हो तुम !

सदा निस्वार्थ सहयोग और प्रेम लुटाती 

सखियों और सह कर्मियों के प्रति 

कार्य स्थल की शान हो तुम !

साधना का पथ जो चुना है 

उस पर चलती रहना, 

बाहर देखने से पहले 

हर उलझन का कारण भीतर देखना !

क्योंकि जानती हो तुम 

सब सवालों के जवाब वहीं मिलते हैं 

श्रद्धा और प्रार्थना के दीप जहाँ जलते हैं ! 


Thursday, December 2, 2021

नन्हा-मुन्ना सा एक बालक


प्रिय प्रियांश के लिए 

जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाओं सहित 

नन्हा-मुन्ना सा एक बालक 

दिन भर घर में दौड़े भागे, 

कार्टून का है दीवाना 

टीवी देखे जब भी जागे !


नज़रें बहुत तेज हैं उसकी 

भाई की हर नक़ल उतारे, 

नाना-नानी, मासी सबको 

दे दे कर आवाज़ पुकारे !


घर के कितने काम जानता 

मैगी, ओट्स बहुत भाते हैं,

कोई अगर ज़रा भी टोके 

झट से आँसूँ आ जाते हैं !


बहुत सारा चाहिए उसको 

खेल हो या नाना का साथ, 

बड़ी मौसी संग खेले खेल  

छोटी के संग पढ़े किताब !


अपनी बात का पक्का है वह 

पियु पियु की बस रटन लगाता, 

सबको आँखों का तारा है 

भाई का संग उसको भाता !


Tuesday, November 30, 2021

रब पर भरोसा कर लिया

पापा जी के लिए 


रब पर भरोसा कर लिया

घर से  हुए बेघर तब किशोर ही तो थे 

छोटी सी उम्र में भी हौसले बड़े थे 


काम दिन में कई, की रातों को पढ़ाई 

निभाया साथ माँ-बाप का पुत्र बड़े थे 


सहा दुःख लाड़ली बिटिया के बिछड़ने का 

आँसू उन आँखों के थमते ही नहीं थे 


अनुजों को दिया था हर तरह का सहारा 

भरोसे ऐसे पाले कि टूटे नहीं थे 


पिता का साया उठा माँ की दुआएँ थीं 

वह जब गयीं परिवार के मुखिया बने थे 


बीच राह में संगिनी भी साथ छोड़ गयी 

बच्चों के चेहरे देख ज़ख़्म सी लिए थे 


दो भाई, एक बहन ने अंतिम विदा ली  

रब पर भरोसा कर लिया बिखरे नहीं थे 


Thursday, September 30, 2021

जन्मदिन पर



जन्मदिन पर

 

माह जुलाई का आया तो

संग अपने परिवर्तन लाया,

योग पुनः आया जीवन में

कुक ने हल्का फ़ूड खिलाया !

 

वरना कोरोना हावी था

हफ़्तों जिसने घर बैठाया,

फिर शेफाली की थाली से

बैठे-ठाले वजन बढ़ाया !

 

अब गाड़ी पटरी पर आयी

जीवन फिर से चल निकला है,

काम के साथ और भी कुछ है

हर मुश्किल का हल निकला है !

 

प्रैक्टो का यह साल बारहवाँ

नए नए कीर्तिमान बनाए,

ऑन लाइन का युग आया है

डाक्टर घर बैठे मिलवाए !

 

काम भी है और सेवा भी है

दोनों हाथ में लड्डू अपने,

जल्दी ही सब हो नार्मल 

फिर से देखें कल के सपने !

 

अभी तो आज में ही जीना है

नित्य ही नयी चुनौती आती,

मन में जोश मस्तिष्क में हल ले

हर दिन क़िस्मत रंग दिखाती !


Wednesday, April 28, 2021

जन्मदिन तो एक बहाना है

प्रिय भाई के लिए जन्मदिन पर 

शुभकामनाओं सहित

अर्द्धशतक पार हुआ जीवन का

पर बचपन अभी तक थामे है अंगुली

आँखों में वही शरारत

..और अधरों पर छलकती हँसी

उल्लास का हाथ थामा है

बनाया है मीत सत्य को..

हर पल घटते उत्सव की तरह

जीया है जीवन.. पाया भीतर अनंत को

जन्मदिन तो एक बहाना है

हर दिन गीत यही गाना है

इसी दिन सागर में जो लहर उठी थी

मुबारक हो खुशियाँ उसे इस सुंदर संसार की

इस जगत में ‘होना’ मात्र ही सार्थक हो जिसका

अभाव होगा भला उसे किसका..

फिर भी..जन्मदिवस पर हार्दिक शुभकामनायें 

Sunday, April 18, 2021

कब आयेगा राजकुमार

भांजी के लिए 

 


अखियों में बसा इंतजार

कब आयेगा राजकुमार,

ले जायेगा सँग में उसको

और जताएगा इकरार !

 

दर्पण में निहारे खुद को

सुंदर पाया चेहरा मोहरा,

अध्ययन तो पूर्ण हो गया 

कब छंटेगा दिल से कोहरा !

 

स्कूल में थी तो दौड़ लगाती

अब दौड़ने से घबराए,

बॅाली-बॉल, कबड्डी खेली

अब सखियों सँग मौज मनाये !

 

है मोबाइल सँग दोस्ती

एस.एम.एस. के तोड़े रिकॉर्ड,

चेतन भगत प्रिय लेखक है

याद किया करती है गॅाड !

 

पावभाजी जब मिल जाये

मुख में पानी भर भर जाये,

हर गुरुवार को मंदिर जाके

शिरडी सांई को रिझाये ! 

Sunday, April 4, 2021

दिल में बसी ईश की चाहत

 

पिताजी के लिए जन्मदिन पर
उम्र हुई, तन करे शिकायत
कभी-कभी मन भी हो आहत,
लेकिन आत्मज्योति प्रज्वलित है
दिल में बसी ईश की चाहत !
 
अब भी दिनचर्या नियमित है
ब्रह्म मुहूर्त में उठ जाते,
पीड़ा हँस कर सहना आता
औरों को भी राह दिखाते !
 
प्रभु भजन से सुबह सँवरती
दिन भर ही अध्ययन चलता है,
सुर संगीत का साथ पुराना
जिससे संध्या काल ढलता है !
 
संतानों को स्नेह बांटते 
नाती-पोती संग मुस्काते,
निज नाम सार्थक करके
सदा सहाय बन कर रहते !
 
नानक ने जो राह दिखाई
सदा उसी पर चले हैं आप,
जन्मदिन पर लें बधाई
हमें आप पर है अति नाज !